भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में Reliance share निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries Limited (RIL) के शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है—क्या यह गिरावट चिंता का कारण है या फिर खरीदारी का सुनहरा मौका?
Reliance Share Price में गिरावट की वजह
हालिया कारोबारी सत्रों में Reliance share में लगभग 4% तक की गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण माने जा रहे हैं।
सबसे बड़ा कारण अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव बताया जा रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ रहा है। Reliance का बड़ा कारोबार रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल सेक्टर से जुड़ा है, इसलिए तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन को प्रभावित करता है।
इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली ने भी Reliance share price पर दबाव बनाया है।
क्या Q3 नतीजों से बढ़ी चिंता?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं। बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में मार्जिन दबाव की खबरों का असर समग्र बाजार सेंटिमेंट पर पड़ा है।
हालांकि Reliance सीधे बैंकिंग सेक्टर में नहीं है, लेकिन कमजोर बाजार धारणा का असर इसके शेयर पर भी दिखाई देता है।
बिजनेस फंडामेंटल्स अब भी मजबूत
गिरावट के बावजूद Reliance Industries के फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं।
- Jio प्लेटफॉर्म्स लगातार डिजिटल सेक्टर में ग्रोथ दिखा रहा है
- Reliance Retail देश की सबसे बड़ी रिटेल चेन बन चुकी है
- ग्रीन एनर्जी और न्यू-एज बिजनेस पर कंपनी का फोकस लंबी अवधि में बड़ा फायदा दे सकता है
इसी कारण कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि Reliance share में आई यह गिरावट शॉर्ट-टर्म दबाव है, न कि लॉन्ग-टर्म कमजोरी।
क्या Reliance Share खरीदना चाहिए?
अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो मौजूदा गिरावट को आंशिक खरीदारी (partial buying) के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अभी थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, Reliance share price में आई हालिया गिरावट वैश्विक घटनाओं और बाजार सेंटिमेंट का नतीजा है। कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए लंबी अवधि में इसमें संभावनाएं बनी हुई हैं।
निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को जरूर ध्यान में रखें।













