Silver Rate Today कीमती धातुओं के बाजार में आज चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया। गुरुवार को चांदी की कीमतों में करीब 1% की तेज गिरावट देखने को मिली और यह ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम से नीचे फिसल गई। घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी दबाव में नजर आई।
आज चांदी का भाव (Silver Rate Today)
गुरुवार, 8 जनवरी को MCX पर चांदी ने
- इंट्रा-डे लो: ₹2,48,163 प्रति किग्रा
- इंट्रा-डे हाई: ₹2,51,889 प्रति किग्रा
दिन के कारोबार के दौरान मुनाफावसूली हावी रही और अंत में MCX पर चांदी ₹7,311 टूटकर ₹2,51,500 प्रति किग्रा पर बंद हुई।
विदेशी बाजार का हाल: COMEX में क्या चल रहा है?
ओवरसीज मार्केट में COMEX पर चांदी ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। फिलहाल यह $77.780 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
हालांकि, ट्रेडिंग की शुरुआत में COMEX सिल्वर ने गैप-अप ओपनिंग के साथ $78.875 प्रति औंस का इंट्रा-डे हाई छुआ था, जहां लगभग 1.5% की तेजी दर्ज की गई।
एक्सपर्ट की राय: गिरावट क्यों आई?
“अमेरिका के ADP नॉन-फार्म रोजगार आंकड़े उम्मीद से 41,000 ज्यादा आने के बाद सोने-चांदी में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव बना। हालांकि, कमजोर अमेरिकी JOLTS जॉब ओपनिंग डेटा ने निचले स्तरों पर सपोर्ट दिया।”
चांदी क्यों खरीद रहे हैं निवेशक?
हालिया गिरावट के बावजूद, चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। इसकी वजह सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि इसके मजबूत फंडामेंटल्स, इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल ट्रेंड्स हैं।
1. इंडस्ट्रियल डिमांड में जबरदस्त उछाल
चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी या निवेश का साधन नहीं रही। इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है:
- सोलर पैनल (Solar Energy)
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs)
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स
ग्रीन एनर्जी पर दुनिया का फोकस बढ़ने से चांदी की डिमांड स्ट्रक्चरल हो गई है, जो कीमतों को सपोर्ट देती है।
2. महंगाई से बचाव का मजबूत विकल्प
जब महंगाई बढ़ती है और करेंसी कमजोर होती है, तब निवेशक हार्ड एसेट्स की ओर रुख करते हैं।
- सोने के मुकाबले चांदी अभी सस्ती लग रही है
- Gold–Silver Ratio लंबे समय के औसत से ऊपर है
इसका मतलब है कि चांदी में अपसाइड पोटेंशियल मौजूद है।
3. सस्ती एंट्री, ज्यादा रिटर्न की उम्मीद
सोने के मुकाबले चांदी की कीमत कम होने के कारण:
- रिटेल निवेशकों के लिए एंट्री आसान
- छोटे निवेश से भी लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न की संभावना
इसी वजह से युवा निवेशक और SIP जैसे स्टैगर्ड निवेश करने वाले लोग चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
4. ग्लोबल अनिश्चितता में सेफ-हेवन डिमांड
- अमेरिका और यूरोप की आर्थिक अनिश्चितता
- जियो-पॉलिटिकल टेंशन
- डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव
इन सबके बीच चांदी को सेफ-हेवन + इंडस्ट्रियल मेटल—दोनों का फायदा मिलता है।
5. गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips Strategy)
हाल की गिरावट को कई निवेशक अवसर मान रहे हैं।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सपोर्ट लेवल पर एंट्री ले रहे हैं
- लॉन्ग टर्म निवेशक स्टैगर्ड तरीके से खरीदारी कर रहे हैं
इतिहास गवाह है कि तेज गिरावट के बाद चांदी में तेज रिकवरी देखने को मिलती है।
6. एक्सपर्ट्स का पॉजिटिव आउटलुक
कमोडिटी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि:
- $82 प्रति औंस के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर
- चांदी $90 प्रति औंस तक जा सकती है
यही वजह है कि बड़े निवेशक अभी से पोजिशन बनाना शुरू कर चुके हैं।
डिस्क्लेमर: चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।













