पहले से ही लोकप्रिय घरेलू उपाय हल्दी वाला दूध किसे नहीं पीना चाहिए—यह सवाल आजकल लोगों के बीच तेजी से चर्चा में है। आमतौर पर हल्दी वाला दूध (Golden Milk) इम्युनिटी बढ़ाने, सर्दी-खांसी से राहत देने और अच्छी नींद के लिए पीया जाता है। लेकिन हालिया स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट राय के अनुसार, यह पेय हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता।
आज के इस हेल्थ न्यूज़ लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि किन लोगों को हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए, इसके संभावित साइड इफेक्ट्स क्या हैं, और इसे सुरक्षित तरीके से कैसे लेना चाहिए।
हल्दी वाला दूध: आयुर्वेद से आधुनिक स्वास्थ्य तक
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व है। यही वजह है कि आयुर्वेद में हल्दी दूध को “रसायन” माना जाता है।
हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ मानते हैं कि हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं होती। गलत मात्रा या गलत स्थिति में सेवन करने से इसके नुकसान भी हो सकते हैं।
हल्दी वाला दूध किसे नहीं पीना चाहिए?
1. जिन लोगों को एसिडिटी और गैस की समस्या है
अगर आपको अक्सर एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन या गैस की समस्या रहती है, तो हल्दी वाला दूध आपकी परेशानी बढ़ा सकता है।
हल्दी पेट में एसिड स्राव को बढ़ा सकती है, जिससे जलन और अपच की समस्या बढ़ सकती है।
2. हल्दी या दूध से एलर्जी वाले लोग
कुछ लोगों को हल्दी या डेयरी उत्पादों से एलर्जी होती है। ऐसे लोगों में
- खुजली
- स्किन रैश
- पेट दर्द
- सांस लेने में दिक्कत
जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. गर्भवती महिलाएं (Doctor सलाह जरूरी)
गर्भावस्था में ज्यादा हल्दी लेने से गर्भाशय में संकुचन या ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हल्दी वाला दूध डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं पीना चाहिए।
4. आयरन की कमी से जूझ रहे लोग
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर में आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है।
अगर आप पहले से ही एनीमिया या आयरन डेफिशिएंसी से पीड़ित हैं, तो हल्दी वाला दूध सीमित मात्रा में लें।
5. ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोग
जो लोग ब्लड थिनर दवाएं (जैसे एस्पिरिन या वॉरफारिन) लेते हैं, उनके लिए हल्दी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
हल्दी रक्त को पतला करने का काम करती है, जिससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
6. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग
हल्दी ब्लड प्रेशर को कम कर सकती है।
अगर आपका BP पहले से कम रहता है, तो हल्दी वाला दूध लेने से चक्कर और कमजोरी हो सकती है।
7. किडनी या लिवर रोगी
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिक हल्दी सेवन से किडनी स्टोन या लिवर संबंधी समस्या बढ़ सकती है।
इसलिए किडनी और लिवर रोगियों को हल्दी दूध लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
ज्यादा हल्दी वाला दूध पीने के संभावित साइड इफेक्ट्स
- पेट दर्द और गैस
- उल्टी और मतली
- स्किन एलर्जी
- आयरन अवशोषण में कमी
- ब्लड प्रेशर गिरना
- लिवर पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी प्राकृतिक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे अनलिमिटेड मात्रा में लिया जाए।
एक्सपर्ट की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी वाला दूध सही मात्रा में और सही समय पर लिया जाए तो फायदेमंद है।
लेकिन जिन लोगों को पहले से कोई मेडिकल समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना इसे नियमित रूप से नहीं लेना चाहिए।
हल्दी वाला दूध कैसे पिएं सुरक्षित तरीके से?
✔ 1 गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी
✔ साथ में एक चुटकी काली मिर्च (अवशोषण बढ़ाने के लिए)
✔ रात में सोने से पहले सेवन करें
✔ ज्यादा मात्रा से बचें
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NEWS ANALYSIS & OPINION
आज के समय में सोशल मीडिया पर हल्दी दूध को “चमत्कारी उपाय” बताकर वायरल किया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि हर घरेलू उपाय हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होता।
भारत में आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों का चलन बहुत पुराना है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा यह स्पष्ट करती है कि किसी भी प्राकृतिक पदार्थ का अंधाधुंध उपयोग नुकसानदायक हो सकता है।
इसलिए हल्दी दूध को सुपरफूड समझकर बिना जानकारी के रोज पीना सही नहीं है।
FAQs
1. हल्दी वाला दूध रोज पीना सही है?
हां, लेकिन सीमित मात्रा में और बिना किसी गंभीर बीमारी के।
2. हल्दी वाला दूध किस समय पीना बेहतर है?
रात में सोने से पहले पीना सबसे अच्छा माना जाता है।
3. हल्दी वाला दूध बच्चों को दे सकते हैं?
हां, लेकिन बहुत कम मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से।
4. क्या हल्दी दूध वजन घटाने में मदद करता है?
कुछ हद तक मेटाबॉलिज्म सुधार सकता है, लेकिन यह वजन घटाने की दवा नहीं है।












