आज के समय में बैंक और चेक शब्द हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। चाहे सैलरी मिलनी हो, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना हो या किसी को पैसे भेजने हों, बैंकिंग सेवाएं हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गई हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक और चेक को हिंदी में क्या कहते हैं?
अधिकांश लोग अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन उनके शुद्ध हिंदी शब्दों से अनजान रहते हैं। यही कारण है कि हिंदी भाषा से जुड़ी ऐसी सामान्य जानकारी आज भी लोगों के लिए नई और रोचक बन जाती है।
बैंक क्या है और इसका हिंदी नाम
बैंक एक ऐसा वित्तीय संस्थान होता है, जहां लोग अपने पैसे सुरक्षित रखते हैं, ऋण लेते हैं और विभिन्न वित्तीय सेवाओं का उपयोग करते हैं। आज भारत सहित पूरी दुनिया में बैंकिंग सिस्टम आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
लेकिन बैंक को हिंदी में “अधिकोष” कहा जाता है।
अधिकोष का अर्थ होता है – ऐसा स्थान जहां धन या संपत्ति सुरक्षित रखी जाती है।
बैंक का मुख्य कार्य लोगों के पैसे को सुरक्षित रखना, ब्याज देना और जरूरत पड़ने पर ऋण प्रदान करना होता है।
विश्लेषण
आज भारत में बहुत कम लोग “अधिकोष” शब्द का उपयोग करते हैं। अंग्रेजी शब्द “बैंक” इतना लोकप्रिय हो चुका है कि हिंदी शब्द लगभग लुप्त हो गया है। यह हमारी भाषाई संस्कृति के लिए चिंता का विषय भी है, क्योंकि भाषा के साथ ही हमारी पहचान भी जुड़ी होती है।
चेक क्या है और इसका हिंदी नाम
बैंकिंग लेन-देन के लिए चेक का इस्तेमाल कई दशकों से किया जा रहा है। हालांकि आज UPI और डिजिटल पेमेंट बढ़ गए हैं, लेकिन चेक अभी भी कानूनी और व्यापारिक लेन-देन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चेक को हिंदी में “धनादेश” कहा जाता है।
धनादेश का अर्थ होता है – बैंक को दिया गया वह आदेश जिसमें किसी व्यक्ति या संस्था को निश्चित राशि भुगतान करने को कहा जाता है।
चेक का महत्व
- व्यापारिक लेन-देन में
- सरकारी भुगतान में
- बड़े ट्रांजेक्शन में
- कानूनी प्रमाण के रूप में
क्यों लोग हिंदी शब्द नहीं जानते?
आज के समय में शिक्षा और तकनीक के कारण अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और साइंस जैसे क्षेत्रों में अंग्रेजी शब्दों का दबदबा है।
इसके मुख्य कारण
- स्कूल और कॉलेज में अंग्रेजी माध्यम
- डिजिटल ऐप्स और बैंकिंग सिस्टम अंग्रेजी में
- सोशल मीडिया और इंटरनेट का प्रभाव
- आधुनिकता के नाम पर अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग
यही कारण है कि “अधिकोष” और “धनादेश” जैसे शब्द आम बोलचाल से गायब हो गए हैं।
विशेषज्ञों की राय (Opinion)
भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदी शब्दों का प्रयोग बढ़ाने से भाषा समृद्ध होती है और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ी रहती है।
हालांकि, आधुनिक दुनिया में अंग्रेजी शब्दों का उपयोग पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन शुद्ध हिंदी शब्दों को जानना और उपयोग करना भाषा संरक्षण के लिए जरूरी है।
डिजिटल युग में बैंकिंग का बदलता स्वरूप
आज बैंक केवल पैसे रखने का स्थान नहीं रह गया है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप्स, डिजिटल वॉलेट और UPI ने बैंकिंग को बेहद आसान बना दिया है।
अब लोग घर बैठे:
- पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं
- बिल भुगतान कर सकते हैं
- निवेश कर सकते हैं
- लोन अप्लाई कर सकते हैं
लेकिन तकनीक के साथ-साथ भाषा का ज्ञान भी जरूरी है।
रेलवे और सरकारी नौकरियों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर
अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो रेलवे की नई भर्ती आपके लिए सुनहरा मौका हो सकता है। यहां पढ़ें: Railway Jobs 2026: 300+ Posts, ₹44,000 Salary Apply Online
सामान्य ज्ञान में क्यों जरूरी है यह जानकारी?
प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे:
- UPSC
- SSC
- रेलवे
- बैंकिंग
- State PSC
में सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते हैं।
“बैंक को हिंदी में क्या कहते हैं?” या “चेक का हिंदी नाम क्या है?” जैसे प्रश्न कई परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।
इसलिए छात्रों और प्रतियोगी उम्मीदवारों के लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।
भाषा और पहचान का संबंध
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, इतिहास और पहचान का प्रतीक है।
अगर हम अपनी भाषा के मूल शब्द भूल जाएंगे, तो धीरे-धीरे हमारी भाषाई पहचान कमजोर हो सकती है।
इसलिए जरूरी है कि हम हिंदी शब्दों को जानें और उपयोग करें।
अब आप जान गए होंगे कि:
- बैंक को हिंदी में अधिकोष कहते हैं।
- चेक को हिंदी में धनादेश कहते हैं।
हालांकि आज अंग्रेजी शब्दों का उपयोग आम हो गया है, लेकिन हिंदी भाषा के मूल शब्दों को जानना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
ऐसी छोटी-छोटी जानकारी न केवल सामान्य ज्ञान बढ़ाती है बल्कि हमें हमारी भाषा और संस्कृति से भी जोड़ती है।















