Arijit Singh के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की खबर ने बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान के बाद फैंस भावुक हो गए हैं, वहीं इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने इस फैसले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अरिजीत सिंह का यह कदम सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारतीय संगीत उद्योग की गहरी समस्याओं की ओर इशारा करता है।
अरिजीत सिंह का बड़ा फैसला: क्या सच में छोड़ दी बॉलीवुड सिंगिंग?
जनवरी 2026 में Arijit Singh ने घोषणा की कि वह अब फिल्मों के लिए नए प्लेबैक सॉन्ग्स नहीं गाएंगे। उन्होंने अपने फैंस को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का शानदार सफर रहा और अब वह नई तरह के म्यूजिक पर फोकस करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह संगीत से संन्यास नहीं ले रहे हैं और इंडिपेंडेंट म्यूजिक बनाते रहेंगे।
अरिजीत सिंह का यह फैसला इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि वह पिछले एक दशक से बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा स्ट्रीम होने वाले गायक रहे हैं।
बॉलीवुड के लिए अरिजीत सिंह क्यों इतने महत्वपूर्ण थे?
अरिजीत सिंह को “रोमांस की आवाज” कहा जाता है।
उनके सुपरहिट गानों में शामिल हैं:
- Tum Hi Ho
- Raabta
- Hawayein
- Kesariya
- Agar Tum Saath Ho
इन गानों ने एक पूरी पीढ़ी को इमोशनल बना दिया।
Spotify पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं और वह दुनिया के सबसे ज्यादा सुने जाने वाले कलाकारों में शामिल हैं।
इंडस्ट्री में शॉक: क्यों उठ रहे हैं सवाल?
अरिजीत सिंह के इस फैसले के बाद संगीत उद्योग में कई कलाकारों ने चौंकाने वाले खुलासे किए।
Indian Idol विजेता अभिजीत सावंत ने कहा कि भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में सिंगर्स का शोषण होता है और उन्हें सही पैसे नहीं मिलते।
उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री नहीं चाहती कि सिंगर्स फिल्मों से ज्यादा बड़े बनें, इसलिए उन्हें सीमित पैसे दिए जाते हैं और रॉयल्टी सिस्टम भी कमजोर है।
सिंगर्स को क्यों नहीं मिलती रॉयल्टी?
पश्चिमी देशों में कलाकारों को गानों से लाइफटाइम रॉयल्टी मिलती है, लेकिन भारत में यह सिस्टम लगभग न के बराबर है।
अभिजीत सावंत के अनुसार, पश्चिमी देशों में कुछ गानों से कलाकार पूरी जिंदगी आराम से जी सकते हैं, जबकि भारत में सिंगर्स को जीवन चलाने के लिए पर्याप्त पैसा भी नहीं मिलता।
यह बयान भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए बड़ा सवाल खड़ा करता है:
क्या कलाकारों का सही मूल्यांकन नहीं किया जाता?
अरिजीत सिंह ने खुद क्या कहा?
अरिजीत सिंह ने कहा कि उनके फैसले के पीछे कई कारण हैं।
उन्होंने बताया कि:
- वह नई तरह का संगीत करना चाहते हैं
- उन्हें बदलाव पसंद है और वह अलग शैली एक्सप्लोर करना चाहते हैं
- वह नए सिंगर्स को मौका देना चाहते हैं
उन्होंने यह भी कहा कि वह संगीत से दूर नहीं जा रहे हैं, बल्कि इंडिपेंडेंट म्यूजिक पर ध्यान देंगे।
क्या बॉलीवुड म्यूजिक का गोल्डन एरा खत्म हो रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अरिजीत सिंह का फैसला एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में:
- ऑटो-ट्यून का ज्यादा इस्तेमाल
- म्यूजिक में मौलिकता की कमी
- सिंगर्स को कम पैसे
जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
अगर अरिजीत जैसे बड़े कलाकार भी सिस्टम से असंतुष्ट हैं, तो यह इंडस्ट्री के लिए खतरे की घंटी है।
Analysis: यह सिर्फ अरिजीत सिंह का फैसला नहीं है
यह खबर सिर्फ एक सिंगर के रिटायरमेंट की नहीं है, बल्कि यह पूरी इंडस्ट्री की संरचना पर सवाल है।
फिल्मों में एक्टर्स को करोड़ों रुपये मिलते हैं, जबकि सिंगर्स को मामूली फीस दी जाती है।
जबकि सच यह है कि कई फिल्मों की सफलता गानों पर निर्भर करती है।
Opinion: क्या इंडिपेंडेंट म्यूजिक का दौर शुरू हो रहा है?
आजकल कई भारतीय कलाकार इंडिपेंडेंट म्यूजिक की ओर जा रहे हैं।
इससे कलाकारों को:
- ज्यादा क्रिएटिव फ्रीडम
- बेहतर कमाई
- ग्लोबल ऑडियंस
मिल रही है। अरिजीत सिंह का यह कदम भारतीय संगीत के लिए एक नई शुरुआत हो सकता है।
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भविष्य में क्या बदल सकता है?
अरिजीत सिंह का फैसला संभवतः:
- रॉयल्टी सिस्टम पर चर्चा बढ़ाएगा
- सिंगर्स को बेहतर भुगतान की मांग करने की ताकत देगा
- इंडिपेंडेंट म्यूजिक इंडस्ट्री को बढ़ावा देगा
Arijit Singh का प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सिर्फ एक कलाकार का व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री की गहरी समस्याओं का प्रतिबिंब है।
यह खबर इंडस्ट्री के लिए चेतावनी है कि अगर कलाकारों को सही सम्मान और पैसा नहीं मिला, तो भविष्य में और बड़े कलाकार भी सिस्टम छोड़ सकते हैं।














