भारत के संजू सैमसन (एपी फोटो/रफीक मकबूल)
संजू सैमसन के प्रदर्शन से खुश हुए गौतम गंभीर, कहा – “यह एक खास खिलाड़ी की निशानी है”
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की जीत के बाद टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की जमकर तारीफ की। उन्होंने सैमसन के प्रदर्शन को “विशेष” बताया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनकी वापसी उनके मजबूत चरित्र को दिखाती है।
संजू सैमसन इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे। उन्होंने लगातार तीन मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला।
फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन ने शानदार 89 रन की पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद जब गौतम गंभीर से पूछा गया कि क्या सैमसन का प्रदर्शन उन्हें 2011 विश्व कप में युवराज सिंह की याद दिलाता है, तो उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की तुलना करने से इनकार कर दिया। गंभीर ने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग यात्रा और उपलब्धियां होती हैं, इसलिए तुलना करना सही नहीं है।
गंभीर ने कहा कि सैमसन की वापसी खास इसलिए भी है क्योंकि विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी सीरीज अच्छी नहीं रही थी। इतना ही नहीं, टूर्नामेंट की शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निकलकर शानदार प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। इसके लिए बहुत ज्यादा आत्मविश्वास, साहस और मजबूत मानसिकता की जरूरत होती है।
गंभीर ने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट को सैमसन की प्रतिभा पर कभी संदेह नहीं था। उन्हें बस मौका मिलने पर खुलकर खेलने की जरूरत थी, और उन्होंने वही करके दिखाया।
सैमसन की निडर बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इतिहास रच दिया और पुरुष टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम बन गई।
भविष्य को लेकर गंभीर ने कहा कि यह टूर्नामेंट सैमसन के करियर की एक नई और बड़ी शुरुआत हो सकता है। उनके अनुसार, सैमसन में अभी बहुत कुछ हासिल करने की क्षमता है और वह इससे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।














