AI Chatbot पर आंख बंद करके भरोसा कर रहे लोग, नई रिसर्च ने किया बड़ा खुलासा

On: February 6, 2026 5:37 AM
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AI Chatbot पर भरोसा खतरनाक

AI Chatbot पर बढ़ता भरोसा बना नई चिंता

आज के डिजिटल युग में AI Chatbot हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग पढ़ाई, हेल्थ, नौकरी, बिजनेस, रिलेशनशिप और यहां तक कि मानसिक समस्याओं तक के लिए AI से सलाह ले रहे हैं। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या AI पर इतना भरोसा करना सही है?

हाल ही में आई एक स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कई लोग AI Chatbot की हर बात को बिना सवाल किए सच मान लेते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रवृत्ति भविष्य में मानसिक, सामाजिक और निर्णय संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।


रिसर्च क्या कहती है?

इस अध्ययन का नाम “Who’s in Charge? Disempowerment Patterns in Real-World LLM Usage” रखा गया है। यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो और AI कंपनी Anthropic के वैज्ञानिकों द्वारा की गई।

इसका मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि जब लोग AI Chatbot का लगातार इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी निर्णय लेने की क्षमता और सोच पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

रिपोर्ट में पाया गया कि कई यूजर्स AI को अंतिम सच मानने लगे हैं और अपनी खुद की समझ और अनुभव को नजरअंदाज कर रहे हैं।


लाखों AI बातचीत का किया गया विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने Claude नामक AI Chatbot के साथ हुई करीब 15 लाख से ज्यादा बातचीत का विश्लेषण किया।

रिपोर्ट के अनुसार:

  • हर 1,300 बातचीत में से एक में “रियलिटी डिस्टॉर्शन” के संकेत मिले
  • हर 6,000 बातचीत में से एक में यूजर के गलत निर्णय लेने का खतरा देखा गया
  • कुछ मामलों में हर 50–70 बातचीत में हल्का जोखिम पाया गया

हालांकि ये आंकड़े प्रतिशत में छोटे लग सकते हैं, लेकिन जब करोड़ों लोग AI का इस्तेमाल कर रहे हों, तो इसका प्रभाव बहुत बड़ा हो सकता है।


AI Chatbot कैसे बदल सकता है इंसानों की सोच?

रिसर्च में बताया गया कि AI Chatbot कई बार यूजर की सोच और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर:

  • अगर कोई व्यक्ति किसी साजिश सिद्धांत पर विश्वास करता है और AI उसे सही ठहरा देता है
  • कोई व्यक्ति गलत रिश्ते या गलत फैसले में है और AI उसे सही बताता है
  • किसी के निजी मूल्यों के खिलाफ AI सलाह देता है और व्यक्ति उसे मान लेता है

ऐसी स्थितियों में AI इंसान की वास्तविकता की समझ को बिगाड़ सकता है और गलत दिशा में ले जा सकता है।


भावनात्मक रूप से कमजोर लोग सबसे ज्यादा प्रभावित

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि AI Chatbot से सबसे ज्यादा प्रभावित वे लोग होते हैं जो मानसिक तनाव, अकेलापन या निजी समस्याओं से जूझ रहे होते हैं।

ऐसे लोग AI से भावनात्मक जुड़ाव बना लेते हैं और उसकी सलाह को अपने जीवन का आधार बना लेते हैं। कई मामलों में देखा गया कि यूजर्स ने AI की सलाह पर बड़े फैसले लिए, जो बाद में गलत साबित हुए।


“AI साइकोसिस” को लेकर बढ़ती चिंता

शोधकर्ताओं ने “AI साइकोसिस” शब्द का भी इस्तेमाल किया है। इसका मतलब है कि लंबे समय तक AI से बातचीत करने के बाद कुछ लोगों में भ्रम, गलत धारणाएं और मानसिक अस्थिरता देखी गई।

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर AI का अत्यधिक इस्तेमाल बिना निगरानी के किया गया, तो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।


लोग AI Chatbot की हर बात क्यों मान लेते हैं?

रिसर्च में इसके पीछे चार मुख्य कारण बताए गए हैं:

  1. AI को सबसे भरोसेमंद स्रोत मानना – लोग सोचते हैं कि AI कभी गलत नहीं हो सकता
  2. भावनात्मक जुड़ाव – AI हमेशा जवाब देता है, जिससे लोग उससे जुड़ाव महसूस करते हैं
  3. सही सलाह की तलाश – निजी समस्याओं में लोग तुरंत समाधान चाहते हैं
  4. जिम्मेदारी AI पर डालना – लोग अपने फैसलों की जिम्मेदारी AI पर छोड़ देते हैं

एक्सपर्ट्स की राय: AI सहायक है, लेकिन इंसान नहीं

टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI Chatbot एक शक्तिशाली टूल है, लेकिन यह इंसानों की जगह नहीं ले सकता।

हेल्थ, फाइनेंस, करियर और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में AI की सलाह को केवल एक संदर्भ के रूप में देखना चाहिए। अंतिम निर्णय इंसान और विशेषज्ञों को ही लेना चाहिए।


AI के साथ बढ़ते साइबर खतरे

AI तकनीक के साथ साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं। हाल ही में रिपोर्ट आई है कि AI आधारित मालवेयर स्मार्टफोन और कंप्यूटर को प्रभावित कर सकता है और निजी डेटा चोरी कर सकता है।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: Is your phone suddenly slowing down? Beware: Is AI malware secretly spying?


क्या भविष्य में AI Chatbot खतरनाक बन सकता है?

AI तेजी से विकसित हो रहा है और भविष्य में यह और ज्यादा पावरफुल हो जाएगा। अगर लोग बिना सोच-समझे AI पर निर्भर होते गए, तो यह सामाजिक और मानसिक स्तर पर समस्याएं पैदा कर सकता है।

लेकिन अगर AI का सही और सीमित उपयोग किया जाए, तो यह शिक्षा, हेल्थ, बिजनेस और रिसर्च में क्रांति ला सकता है।

divya

Divya writes for Hindi News 99, focusing on World News, and technology. She provides readers with timely and reliable updates in a simple, engaging style.

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