पुतिन का प्रस्ताव और ट्रम्प का इनकार: ईरान के यूरेनियम पर नई बहस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कथित तौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक प्रस्ताव दिया था कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को रूस अपने कब्जे में ले सकता है। यह प्रस्ताव चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक बड़े समझौते का हिस्सा बताया गया था।
लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
क्या था पुतिन का प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने ट्रम्प के साथ एक फोन कॉल में सुझाव दिया कि:
- रूस ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने नियंत्रण में ले सकता है
- इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने में मदद मिल सकती है
- और युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता संभव हो सकता है
रूस के पास पहले से ही उन्नत परमाणु तकनीक है और वह पहले भी ईरान के कम-संवर्धित यूरेनियम को संभाल चुका है।
ईरान का यूरेनियम क्यों चिंता का कारण है
ईरान के पास लगभग 450 किलोग्राम 60% तक समृद्ध यूरेनियम होने की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- इसे कुछ ही हफ्तों में हथियार-ग्रेड यूरेनियम में बदला जा सकता है
- इससे 10 से ज्यादा परमाणु बम बनाए जा सकते हैं
इसी कारण अमेरिका और इज़राइल के लिए इसे सुरक्षित करना एक बड़ा लक्ष्य माना जा रहा है।
अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल ने:
- ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए
- इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना था
इन हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया और क्षेत्र में जवाबी हमलों की स्थिति बन गई।
अमेरिका का रुख
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि:
- यह प्रस्ताव पहली बार नहीं दिया गया था
- लेकिन अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया
अमेरिका का मानना है कि यूरेनियम को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करना जरूरी है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी कहा कि अमेरिका के पास ईरान के परमाणु भंडार को नियंत्रित करने के कई विकल्प मौजूद हैं।
ईरान का क्या कहना है
पहले की बातचीत में ईरान ने यूरेनियम को विदेश भेजने का विचार ठुकरा दिया था।
इसके बजाय ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि:
- यूरेनियम को अपने ही परमाणु केंद्रों में कम-संवर्धित (dilute) किया जाएगा
- यह प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में हो सकती है
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा हालात में ईरान इस तरह का प्रस्ताव स्वीकार करेगा या नहीं।
ट्रम्प का बयान
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका फिलहाल यूरेनियम को सुरक्षित करने पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे रहा, लेकिन भविष्य में यह प्राथमिकता बन सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस संभवतः ईरान की मदद कर सकता है, जबकि रूस यह मान सकता है कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर रहा है।
कुल मिलाकर, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, रूस और इज़राइल के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव जारी है। पुतिन का प्रस्ताव इस संकट को हल करने का एक तरीका हो सकता था, लेकिन फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया गया है।












