फोन अचानक स्लो हो गया? सावधान! कहीं चुपके से AI मालवेयर तो नहीं कर रहा आपकी जासूसी

On: January 28, 2026 10:32 AM
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AI Malware

आज के डिजिटल दौर में AI Malware तेजी से उभरता हुआ नया साइबर खतरा बन रहा है, जो स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए गंभीर समस्याएँ पैदा कर रहा है। यह खतरा सिर्फ डेटा चुराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपके फोन की परफॉर्मेंस को धीमा कर सकता है, बैटरी लाइफ को घटा सकता है और आपके मोबाइल डाटा का दुरुपयोग कर सकता है। साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञों ने चेताया है कि इसका फैलाव बढ़ रहा है और यूज़र्स को सतर्क रहने की जरूरत है।

AI Malware ऐसे मैलवेयर को कहा जाता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों का इस्तेमाल करके छोटे-छोटे निर्णय ले सकता है, जैसे एड को पहचानना या डिवाइस की गतिविधियों का विश्लेषण करना, और आम उपयोगकर्ता को बिना पता चले नुकसान पहुँचाना। हाल के समय में एक नया Android AI Malware सामने आया है जो एड क्लिक करने जैसे सामान्य व्यवहार को “AI-driven” तरीके से कर रहा है, जिससे यह पारंपरिक सुरक्षा टूल्स से बचने में भी सक्षम हो रहा है।


AI Malware कैसे काम करता है?

Security रिपोर्ट के अनुसार, नया AI-आधारित malware खास तरह से डिज़ाइन किया गया है ताकि यह यूज़र को पता भी न चले कि डिवाइस संक्रमित हो गया है। यह एड क्लिक करने वाली गतिविधि को “बैकग्राउंड” में करता है, जिससे:

  • आपका फोन धीरे चलता है
  • बैटरी तेजी से खत्म होती है
  • आपका डेटा अधिक उपयोग होता है
  • डिवाइस पर अनजान प्रॉसेस चलते रहते हैं

ये malware विशेष रूप से एंड्रॉयड डिवाइसों पर प्रभावी है और कई बार संक्रमित ऐप्स गैर-आधिकारिक ऐप स्टोर्स से डाउनलोड होते हैं, जैसे कि कुछ थर्ड-पार्टी मार्केटप्लेस में मौजूद APK फ़ाइलें।

विशेषज्ञों की चेतावनी है कि यह नियमित malware से अलग होता है क्योंकि यह AI तकनीक का इस्तेमाल करता है जिससे यह मानवीय व्यवहार की नकल कर सकता है और डिटेक्शन टूल्स से बच सकता है। हालांकि, इसका मुख्य उद्देश्य अभी भी एड फ्रॉड या फ़्रॉड रिपोर्टिंग एनेलिटिक्स जैसा लगता है, लेकिन यह क्या संकेत देता है कि cybercriminals अब AI का इस्तेमाल अपनी गतिविधियाँ और भी छुपाने के लिए कर रहे हैं।


क्या यह बिल्कुल नया खतरा है या केवल प्रचार?

कुछ साइबर सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि “AI Malware” जैसा खतरा अभी वास्तविकता से थोड़ा आगे की बातें है, लेकिन यह स्पष्ट है कि अपराधी AI टूल्स को अपनी “मैलवेयर क्रिएशन” प्रक्रिया में शामिल कर रहे हैं। ऐसे हालात में उन traditional malware तकनीकों के मुकाबले नए AI-सहायित सॉफ्टवेयर पर निगरानी और शोध तेज़ होना चाहिए।

AI का इस्तेमाल सिर्फ एड-क्लिकिंग malware में ही नहीं हो रहा है, बल्कि इसका प्रयोग सोफ़्टवेयर को और भी अधिक एडाप्टिव और डिटेक्शन-रेसिस्टेंट बनाने के लिए किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, कुछ रिपोर्टों में उल्लेख है कि साइबर अपराधी अब AI ट्रोल्स और एडवरटाइजिंग फ्रॉड जैसे तरीकों को भी उन्नत कर रहे हैं, जिससे malware और अधिक भारी-भरकम बन रहा है।


उपयोगकर्ता को क्या खतरा है?

AI Malware सामान्य उपयोगकर्ता के लिए कई तरह से समस्या खड़ी कर सकता है:

  • डिवाइस परफॉर्मेंस स्लो होना: अक्सर बिना किसी स्पष्ट वजह के फोन की गति कम हो जाती है।
  • बैटरी ड्रेन: यह malware लगातार बैकग्राउंड में रन होने के कारण बैटरी को तेजी से घटा सकता है।
  • डेटा का अधिक इस्तेमाल: यह आपका डाटा उपयोग कर सकता है, जिससे बिल बढ़ सकता है।
  • प्राइवेसी रिस्क: कुछ malware यूज़र की व्यक्तिगत जानकारी को भी जोखिम में डाल सकते हैं।

विश्लेषण: क्या यह तकनीक सही में खतरनाक है?

जहाँ एक ओर AI Malware की खबरों को exaggerate करने की प्रवृत्ति भी है, वहीं यह भी सच है कि अपराधी AI का इस्तेमाल किसी भी अन्य तकनीक से ज़्यादा तेज़ी से कर रहे हैं। क्योंकि AI सॉफ्टवेयर को “मानव व्यवहार” के जैसा दिखाने और लगातार बदलते रूप में काम करने की क्षमता देता है, इससे डिटेक्शन टूल्स के लिए इन malware को पहचानना और भी मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि साइबर सुरक्षा फर्मों और मोबाइल सुरक्षा ऐप डेवलपर्स को अपने सिस्टम को AI-सहायित खतरों के हिसाब से upgrade करना पड़ रहा है।


यूज़र्स को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

यहाँ कुछ उपाय दिए जा रहे हैं जिनसे यूज़र्स अपनी सुरक्षा बढ़ा सकते हैं:

  1. सिर्फ़ Official App Store से ऐप डाउनलोड करें: थर्ड-पार्टी APK फाइलों से दूरी बनाएँ।
  2. सिस्टम अपडेट करें: नियमित रूप से फ़ोन और ऐप्स के अपडेट इंस्टॉल करें।
  3. सिक्योरिटी ऐप्स इंस्टॉल करें: reputed malware scanner और सिक्योरिटी ऐप का इस्तेमाल करें।
  4. अनजान लिंक और एड्स को क्लिक न करें: कोई भी संदिग्ध लिंक क्लिक करने से पहले सोचें।
  5. डेटा बैकअप रखें: नियमित बैकअप से आप डेटा संभावित हमले के बाद भी सुरक्षित रख सकते हैं।

जानिए और सुरक्षा टिप्स:How to fast charge mobile (हिंदी)

AI Malware इस समय एक उभरता हुआ साइबर खतरा है जो सिर्फ़ traditional malware से अलग नहीं है, बल्कि AI तकनीकों का इस्तेमाल करके और भी sophisticated बना दिया गया है। फ़ोन की परफॉर्मेंस प्रभावित होना, बैटरी तेजी से खत्म होना और डेटा प्रक्रिया में अनियमितता जैसी समस्याओं को नजरंदाज़ नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, सावधान रहना और सुरक्षा उपाय अपनाना ही इस खतरे से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

Tanisha Singh

Tanisha Singh writes for Hindi News 99, Education news and technology with accurate and engaging updates.

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