अमेरिका की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रूस के खिलाफ लाए गए नए प्रतिबंध विधेयक को अब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का समर्थन मिल गया है। इस बिल के पास होने की स्थिति में भारत पर अमेरिका का टैरिफ 50% से बढ़कर सीधे India 500% tariff तक पहुंच सकता है।
यह विवादित विधेयक अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham द्वारा पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था को झटका देना और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बनाना बताया जा रहा है।
क्या है ‘Sanctioning Russia Act of 2025’?
इस बिल के तहत अमेरिका उन देशों पर सख्त आर्थिक कार्रवाई कर सकता है, जो रूस से तेल, गैस, यूरेनियम या अन्य संसाधन खरीदते हैं। इसमें भारत और चीन जैसे देश सीधे तौर पर निशाने पर हैं।
अगर यह कानून बनता है, तो:
- रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर India 500% tariff तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है
- रूस से जुड़े बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर कड़े प्रतिबंध लागू होंगे
इसका मकसद रूस को आर्थिक रूप से कमजोर कर Ukraine के खिलाफ चल रहे युद्ध को रोकना है।
बिल की मुख्य बातें (Highlights)
- रूस से तेल और यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर सेकेंडरी टैरिफ
- अमेरिका में ऐसे देशों से आने वाले सभी सामानों पर 500% ड्यूटी
- रूसी बैंकों से लेन-देन करने वाली विदेशी संस्थाओं पर प्रतिबंध
- राष्ट्रपति को 180 दिनों तक टैरिफ में छूट देने का अधिकार
लिंडसे ग्राहम ने क्या कहा?
लिंडसे ग्राहम ने कहा कि यह कानून व्हाइट हाउस को भारत, चीन और ब्राज़ील जैसे देशों पर “भारी दबाव” बनाने का मौका देगा ताकि वे रूस से तेल खरीदना बंद करें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई बैठक के बाद इस बिल को हरी झंडी मिल गई है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर?
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। अगर अमेरिका 500% टैरिफ लागू करता है, तो:
- भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर
- निर्यात महंगा, कंपनियों पर दबाव
- ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल
टैरिफ (Tariff) क्या होता है?
टैरिफ वह कर (Tax) होता है जो कोई देश दूसरे देश से आने वाले सामान (Import) पर लगाता है। इसका मकसद घरेलू उद्योग की रक्षा करना, राजस्व बढ़ाना या किसी देश पर आर्थिक दबाव बनाना होता है।
सरल भाषा में समझें
अगर भारत से कोई सामान अमेरिका जाता है और अमेरिका उस पर 50% टैरिफ लगाता है, तो:
- सामान महंगा हो जाएगा
- खरीदार कम खरीदेंगे
- निर्यातक को नुकसान हो सकता है
अब सोचिए अगर यही टैरिफ 500% हो जाए तो व्यापार लगभग नामुमकिन हो जाता है।
टैरिफ क्यों लगाया जाता है?
- देशी उद्योग को बचाने के लिए
- विदेशी सामान को महंगा करने के लिए
- राजनीतिक या आर्थिक दबाव बनाने के लिए
- सरकारी कमाई बढ़ाने के लिए
हाल के संदर्भ में (Russia Sanctions Bill)
अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों (जैसे भारत) पर ऊँचा टैरिफ लगाकर दबाव बनाना चाहता है, ताकि वे रूस से व्यापार बंद करें।
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