भारतीय शेयर बाजार में जहां एक तरफ Sensex और Nifty नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर Tata Group Stocks ने निवेशकों को निराश किया है। पिछले एक साल में टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Tata Group की कुल मार्केट कैप में करीब ₹5 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि टाटा समूह को भारत का सबसे भरोसेमंद और मजबूत कॉर्पोरेट ग्रुप माना जाता है।
कितनी कंपनियों के शेयर गिरे?
टाटा समूह की लगभग 24 लिस्टेड कंपनियों में से 18 कंपनियों के शेयरों ने नेगेटिव रिटर्न दिया है। कुछ शेयरों में तो 20% से लेकर 60% तक की गिरावट देखने को मिली है।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है।
TCS बना सबसे बड़ा लूज़र
Tata Consultancy Services (TCS), जो टाटा समूह की सबसे बड़ी और फ्लैगशिप कंपनी है, इस गिरावट में सबसे आगे रही है।
TCS में गिरावट के कारण:
- ग्लोबल IT सेक्टर में मंदी
- अमेरिका और यूरोप से कमजोर डिमांड
- क्लाइंट्स द्वारा IT खर्च में कटौती
- रेवेन्यू ग्रोथ की धीमी रफ्तार
TCS की मार्केट वैल्यू में आई गिरावट ने अकेले ही टाटा समूह को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया है।
Tata Motors और Passenger Vehicle बिजनेस पर दबाव
Tata Motors के शेयर भी पिछले एक साल में दबाव में रहे हैं। खासकर Passenger Vehicle (PV) सेगमेंट और Jaguar Land Rover (JLR) से जुड़ी चुनौतियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
Tata Motors में कमजोरी के कारण:
- JLR के मार्जिन पर दबाव
- बढ़ती लागत
- ग्लोबल ऑटो सेक्टर में स्लोडाउन
- EV सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
इन कारणों से Tata Motors PV के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहा।
Trent और रिटेल सेक्टर की हालत
टाटा समूह की रिटेल कंपनी Trent, जो Westside और Zudio जैसे ब्रांड्स चलाती है, ने भी निवेशकों को निराश किया।
- Trent के शेयरों में 40% से ज्यादा की गिरावट
- हाई वैल्यूएशन के बाद मुनाफावसूली
- रिटेल सेक्टर में मार्जिन प्रेशर
हालांकि कंपनी का बिजनेस मजबूत है, लेकिन शेयर प्राइस में गिरावट ने मार्केट सेंटिमेंट कमजोर किया।
अन्य Tata Group Stocks भी रहे दबाव में
इनके अलावा कई और Tata Group Stocks ने भी कमजोर प्रदर्शन किया:
- Tata Elxsi
- Tata Technologies
- Voltas
- Tata Chemicals
- Indian Hotels (IHCL)
इन सभी शेयरों में 20% से 45% तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे समूह की कुल मार्केट वैल्यू पर बड़ा असर पड़ा।
गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे कई वजहें हैं:
- ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता
- ऊंचे वैल्यूएशन के बाद करेक्शन
- सेक्टर-स्पेसिफिक समस्याएं
- निवेशकों की जोखिम से बचने की रणनीति
हालांकि टाटा समूह की कंपनियों के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत माने जाते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह गिरावट लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है।
लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, रिजल्ट्स और सेक्टर ट्रेंड्स जरूर देखें।
Tata Group Stocks ने पिछले एक साल में निवेशकों को बड़ा झटका दिया है और करीब ₹5 लाख करोड़ की मार्केट कैप मिट चुकी है।
हालांकि टाटा समूह की विश्वसनीयता और मजबूत बिजनेस मॉडल को देखते हुए, आने वाले समय में रिकवरी की उम्मीद से इनकार नहीं किया जा सकता।













