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Pongal 2026: पोंगल का त्योहार कैसे और क्यों मनाया जाता है? जानिए तिथि, महत्व और पूजा विधि

On: January 13, 2026 6:56 AM
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Pongal 2026

Pongal 2026 दक्षिण भारत का एक प्रमुख और पारंपरिक फसल उत्सव है, जिसे विशेष रूप से तमिलनाडु में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति, सूर्य देव और किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। पोंगल का त्योहार नई फसल की खुशी में मनाया जाता है और इसे तमिल नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है।

इस लेख में हम Pongal 2026 की तिथि, इतिहास, महत्व, चार दिनों के पोंगल, पूजा विधि और पोंगल से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से जानेंगे।


Pongal 2026 कब है?

Pongal 2026 का पर्व 14 जनवरी 2026 (बुधवार) से शुरू होकर 17 जनवरी 2026 (शनिवार) तक मनाया जाएगा।

पोंगल हर साल मकर संक्रांति के समय आता है, जब सूर्य देव उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। यह समय किसानों के लिए बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि इसी दौरान नई फसल घर आती है।


पोंगल क्या है? (What is Pongal Festival)

“पोंगल” तमिल भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है “उबालना” या “छलकना”। इस दिन दूध और चावल को नए बर्तन में उबालकर सूर्य देव को अर्पित किया जाता है। जब दूध उबलकर बाहर आता है, तो इसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

Pongal 2026 सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन और आभार का पर्व है।


Pongal 2026 का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

पोंगल का सीधा संबंध सूर्य देव, धरती, पशुधन और किसानों से है।

  • सूर्य देव को जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है
  • किसान अपनी मेहनत से मिली फसल के लिए धन्यवाद देते हैं
  • पशुओं को भी इस पर्व में विशेष सम्मान दिया जाता है
  • घरों में सुख-समृद्धि और नई शुरुआत की कामना की जाती है

Pongal 2026 हमें सिखाता है कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है।


Pongal Festival के चार दिन (4 Days of Pongal 2026)

1. भोगी पोंगल (Bhogi Pongal)

पहले दिन पुराने सामान को त्यागकर नई चीजों का स्वागत किया जाता है। यह दिन नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है।

2. सूर्य पोंगल (Surya Pongal)

यह मुख्य दिन होता है। सूर्य देव की पूजा की जाती है और नए चावल, दूध व गुड़ से पोंगल बनाया जाता है।

3. मट्टू पोंगल (Mattu Pongal)

इस दिन गाय-बैल की पूजा होती है। उन्हें सजाया जाता है और उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है।

4. कानुम पोंगल (Kaanum Pongal)

यह दिन परिवार और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने और मेल-मिलाप के लिए होता है।


Pongal पूजा विधि

Pongal 2026 के दिन पूजा की विधि इस प्रकार होती है:

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें
  • घर और आंगन को साफ करें, रंगोली बनाएं
  • नए मिट्टी के बर्तन में दूध उबालें
  • चावल, गुड़, मूंगफली और इलायची डालकर पोंगल बनाएं
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें
  • परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें

पोंगल में क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • सूर्योदय से पहले स्नान
  • सूर्य देव को जल अर्पित करें
  • बड़ों का आशीर्वाद लें
  • जरूरतमंदों को दान करें

क्या न करें:

  • इस दिन झगड़ा न करें
  • नकारात्मक सोच से बचें
  • अपमानजनक शब्दों का प्रयोग न करें

Pongal क्यों है खास?

Pongal इसलिए खास है क्योंकि यह:

  • नई फसल और नई शुरुआत का संकेत देता है
  • परिवार को एकजुट करता है
  • भारतीय संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है
  • प्रकृति के प्रति सम्मान सिखाता है

पोंगल न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह आभार, मेहनत और समृद्धि का उत्सव है। यह पर्व हमें प्रकृति, सूर्य देव और किसानों के महत्व को समझाता है। यदि आप अपने जीवन में सकारात्मकता, सुख और उन्नति चाहते हैं, तो पोंगल के मूल संदेश को अपनाएं।

पोंगल को पूरे मन, श्रद्धा और खुशी के साथ मनाएं और अपने जीवन में नई ऊर्जा का स्वागत करें।

Roshni verma

Roshni Verma writes for Hindi News 99, focusing on entertainment, Lifestyle, and breaking news. She brings readers timely, engaging, and reliable updates.

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